विद्यालय विविधता के संदर्भ मे जयपुर शहर के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों का तुलनात्मक अध्ययन
Abstract
वर्तमान शोध अध्ययन “जयपुर शहर के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों का तुलनात्मक अध्ययन” पर आधारित है। शिक्षा व्यक्ति के बौद्धिक, भावनात्मक, सामाजिक एवं नैतिक विकास की निरंतर प्रक्रिया है जो मानव जीवन को दिशा प्रदान करती है। इस शोध का प्रमुख उद्देश्य यह पता लगाना है कि वरिष्ठ माध्यमिक स्तर पर अध्ययनरत विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों का स्तर क्या है तथा भाषा, लिंग और विद्यालय प्रबंधन के आधार पर इनमे क्या भिन्नताएँ पाई जाती हैं।
शोध में सर्वेक्षण पद्धति का प्रयोग किया गया तथा 800 विद्यार्थियों (400 छात्र एवं 400 छात्राएँ) को नमूना समूह के रूप में चुना गया। डेटा संग्रह हेतु डॉ. आभा पाण्डेय की व्यक्तित्व मापनी, एस. वाजपेय की सांस्कृतिक मूल्य मापनी एवं एस. एस. त्रिपाठी की धार्मिक मूल्य मापनी का उपयोग किया गया। संकलित आँकड़ों का विश्लेषण माध्य, मानक विचलन, टी-परीक्षण तथा सहसंबंध गुणांक जैसी सांख्यिकीय विधियों द्वारा किया गया।
अध्ययन से प्राप्त परिणामों के अनुसार, विद्यार्थियों का व्यक्तित्व औसत स्तर से अधिक पाया गया। सांस्कृतिक एवं धार्मिक मूल्य भी उच्च स्तर के पाए गए, जो यह इंगित करता है कि विद्यार्थियों में नैतिकता एवं सांस्कृतिक चेतना का अच्छा स्तर विद्यमान है। लिंग के आधार पर स्पष्ट अंतर पाया गया—जहाँ छात्राओं में व्यक्तित्व, सांस्कृतिक एवं धार्मिक मूल्यों का स्तर छात्रों की तुलना में अधिक था। भाषा के आधार पर किए गए विश्लेषण से ज्ञात हुआ कि हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम के छात्रों के सांस्कृतिक एवं धार्मिक मूल्यों में अंतर पाया गया, किन्तु व्यक्तित्व स्तर में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं था। वहीं विद्यालय प्रबंधन के आधार पर निजी एवं राजकीय विद्यालयों के छात्रों के व्यक्तित्व में अंतर पाया गया, परंतु सांस्कृतिक एवं धार्मिक मूल्यों में कोई विशेष भिन्नता नहीं पाई गई।
यह अध्ययन शिक्षा के क्षेत्र में मूल्य-आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर बल देता है, जिससे भावी पीढ़ी में नैतिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक चेतना का विकास हो सके।

